CIDOC 2015
प्रलेखन की अंतरराष्ट्रीय समिति
नई दिल्ली, भारत
05.09.2015 - 10.09.2015
 
 
विविधता का प्रलेखन – संग्रहण, सूची एवं संदर्भ
   
 
 
 
सम्मेलन का विषय
 
 

भारत भाषा, जातीय समूहों एवं पंरपराओं, अपने लम्बे इतिहास, एवं भूगोल और पारिस्थितिकी प्रणाली की बहुरूपता की बहुलता के साथ निःसंदेह दुनिया के विविधतापूर्ण देशों में से एक है। भारत के संग्रहालयों एवं सांस्कृतिक धरोहर के संस्थानों के लिए इस विरासत की रिकार्डिग एवं संरक्षण एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। 2015 के सीडोक सम्मेलन में विविधता के प्रलेखन की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है: प्रथाओं का संग्रह, सूचीबद्ध करने के तरीकों एवं प्रासंगिक जानकारी जो कि विभिन्न प्रकार के संग्रह के साथ काम करने के लिए आवश्यक है। संग्रहालयों को अभिलेखागार, पुस्तकालयों तथा अन्य सांस्कृतिक संस्थानों को साथ में मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि समान लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान, दिल्ली, भारत द्वारा किये जा रहे सीडोक वार्षिक सम्मेलन का उद्देश्य संग्रहालयों में विभिन्न भूमिका प्रलेखन, विकास, डिजाइन, मध्यस्थता या प्रंबधन में कार्यरत प्रोफेशनल के बीच जानकारी प्रंबधन के बारे में बातचीत को प्रोत्साहित करना है। वैज्ञानिक एंव सैद्धातिक योगदान के अलावा, सम्मेलन का उद्वेश्य एक मंच के रूप में कार्य करना है, जहाँ प्रतिभागी व्यावहारिक अनुभव, समस्याओं का आदान-प्रदान, समाधान की खोज एवँ नई प्ररेणा के लिए कार्य कर सके।

 
सम्मेलन का विषय एवं उप-विषय
 

इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'विविधता का प्रलेखन- संग्रह, सूचीबद्धता, एवं संदर्भ' है, जिसको निम्न तीन उप-विषयों में विभाजित किया गया हैः-

    • संस्कृति की विविधता का प्रलेखन करने के लिए रणनीति एवं नीतियाँ
    • प्रलेखन के तरीकें एवं तकनीक
    • पहुँच एवं एकीकरण - अभिलेखागार एवं अन्य सांस्कृतिक संस्थानों के साथ मिल कर कार्य करना

प्रत्येक उप-विषय के अन्तर्गत सुझाव के रूप में विषयों की सूची प्रदान की गई है। प्रतिभागी अन्य विषयों पर भी अपने पेपर प्रस्तुत कर सकते है। वह तीन उप-विषयों या मुख्य विषय के अन्तर्गत आने चाहिए।

सम्मेलन का विशेष लक्ष्य, अभिलेखागार को महत्व देना, अभिलेखाध्यक्ष के दृष्टिकोण एवं प्रोफेशनल अनुभवों से सीखना, संग्रहालय एवं अभिलेखागारों की सामग्री को एकीकृत करना।

 
 
 
  वेबसाइट का विकास एवं आथित्य आई.टी. सेल, राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान द्वारा किया गया
  संग्रहालय विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान द्वारा विषय सामग्री को उपलब्ध अद्यतन एवं संपोषित किया गया